क्रेडिट कार्ड मिनिमम पेमेंट ट्रैप को समझें
मिनिमम पेमेंट कैलकुलेटर क्रेडिट कार्ड कर्ज की चौंकाने वाली सच्चाई दिखाता है। जब आप हर महीने केवल मिनिमम ड्यू भरते हैं, तो आप अपनी मूल राशि का 2-3 गुना तक चुका सकते हैं। यह कैलकुलेटर आपको दिखाता है कि मिनिमम पेमेंट के बजाय पूरा क्रेडिट कार्ड बैलेंस चुकाने से आप कितना बचा सकते हैं।
भारत में क्रेडिट कार्ड आमतौर पर 30-48% वार्षिक ब्याज दर (APR) लेते हैं, जो इसे उधार लेने के सबसे महंगे तरीकों में से एक बनाता है। मिनिमम पेमेंट की वास्तविक लागत को समझना वित्तीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
क्रेडिट कार्ड मिनिमम पेमेंट कैसे काम करता है?
जब आपको क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट मिलता है, आपको दो मुख्य राशियां दिखाई देती हैं:
- कुल बकाया: आपकी खरीदारी, ब्याज और शुल्क सहित पूरी देय राशि
- मिनिमम ड्यू: लेट फीस से बचने के लिए न्यूनतम भुगतान (आमतौर पर बकाया का 2-5% या एक निश्चित न्यूनतम)
- ड्यू डेट: कम से कम मिनिमम पेमेंट करने की अंतिम तारीख
- ब्याज-मुक्त अवधि: पूरा बैलेंस चुकाने पर खरीदारी से 20-50 दिन
मिनिमम पेमेंट डेट ट्रैप क्यों है?
केवल मिनिमम पेमेंट करने से एक दुष्चक्र बनता है:
- ब्याज पर ब्याज: अवैतनिक बैलेंस पर हर महीने ब्याज लगता है, जो समय के साथ चक्रवृद्धि होता है
- धीमी मूलधन कमी: आपके मिनिमम पेमेंट का अधिकांश हिस्सा ब्याज में जाता है, वास्तविक कर्ज कम करने में नहीं
- लंबा पेऑफ समय: 36% APR पर ₹50,000 का बैलेंस मिनिमम पेमेंट से चुकाने में 10+ साल लग सकते हैं
- क्रेडिट स्कोर प्रभाव: उच्च क्रेडिट उपयोग आपके क्रेडिट स्कोर को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है
वास्तविक उदाहरण: मिनिमम पेमेंट की असली लागत
परिदृश्य: 36% APR पर ₹50,000 क्रेडिट कार्ड बैलेंस, 5% मिनिमम पेमेंट
- आज पूरा बैलेंस चुकाना: कुल लागत = ₹50,000, समय = तुरंत
- केवल मिनिमम चुकाना: कुल लागत = ₹95,000+, समय = 5+ साल
- अतिरिक्त ब्याज: केवल ब्याज में ₹45,000+!
- लागत गुणक: आप अपनी मूल खरीदारी का लगभग 2 गुना चुकाते हैं
डेट ट्रैप से बचने की स्मार्ट रणनीतियां
- हमेशा पूरा बैलेंस चुकाएं: ब्याज शुल्क से पूरी तरह बचने का यही एकमात्र तरीका है
- मिनिमम से ज्यादा चुकाएं: हर महीने ₹500 अतिरिक्त भी वर्षों की पेमेंट बचा सकता है
- EMI में बदलें: क्रेडिट कार्ड EMI में आमतौर पर रिवॉल्विंग क्रेडिट (12-24%) से कम दर होती है
- बैलेंस ट्रांसफर: उच्च-ब्याज कर्ज को कम-दर वाले कार्ड में स्थानांतरित करें
- कैश एडवांस से बचें: कैश निकासी पर पहले दिन से उच्च ब्याज लगता है