फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) क्या है?
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भारत में सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है। यह एक ऐसा निवेश साधन है जहां आप एक निश्चित अवधि के लिए एकमुश्त राशि जमा करते हैं और गारंटीड ब्याज दर प्राप्त करते हैं। FD सरकारी और निजी दोनों बैंकों में उपलब्ध है।
FD कैलकुलेटर का उपयोग क्यों करें?
हमारा मुफ्त FD कैलकुलेटर आपको निम्नलिखित में मदद करता है:
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- टैक्स प्रभाव: टैक्स के बाद वास्तविक रिटर्न देखें
- विजुअल चार्ट: इंटरैक्टिव ग्राफ से ग्रोथ पैटर्न समझें
- चक्रवृद्धि तुलना: विभिन्न चक्रवृद्धि आवृत्तियों की तुलना करें
FD ब्याज गणना फॉर्मूला
FD मैच्योरिटी राशि की गणना चक्रवृद्धि ब्याज फॉर्मूला से होती है:
A = P(1 + r/n)^(nt)
जहां:
- A = मैच्योरिटी राशि
- P = मूलधन (जमा राशि)
- r = वार्षिक ब्याज दर (दशमलव में)
- n = वर्ष में चक्रवृद्धि की संख्या
- t = वर्षों में अवधि
FD बनाम अन्य निवेश विकल्प
- FD बनाम PPF: PPF 7.1% पर 15 साल की लॉक-इन और 80C लाभ देता है। FD अधिक लचीलापन देता है लेकिन ब्याज टैक्सेबल है।
- FD बनाम RD: RD मासिक जमा के लिए है जबकि FD एकमुश्त के लिए। FD आमतौर पर थोड़ी अधिक दर देता है।
- FD बनाम म्यूचुअल फंड: FD गारंटीड रिटर्न देता है जबकि म्यूचुअल फंड मार्केट-लिंक्ड हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
FD पर ब्याज की गणना कैसे होती है?
FD ब्याज की गणना चक्रवृद्धि ब्याज फॉर्मूला से होती है: A = P(1 + r/n)^(nt), जहां P मूलधन है, r वार्षिक ब्याज दर है, n चक्रवृद्धि आवृत्ति है (अधिकांश बैंकों में तिमाही), और t वर्षों में अवधि है। उदाहरण के लिए, Rs. 1 लाख 7% पर 5 साल के लिए तिमाही चक्रवृद्धि के साथ Rs. 1,41,478 देता है।
कौन सा बैंक सबसे अधिक FD ब्याज दर देता है?
स्मॉल फाइनेंस बैंक और कुछ प्राइवेट बैंक आमतौर पर भारत में सबसे अधिक FD दरें (7-9%) देते हैं, जबकि PSU बैंक 6-7.5% देते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त 0.25-0.5% ब्याज मिलता है। निवेश करने से पहले हमेशा बैंक की क्रेडिट रेटिंग और DICGC बीमा कवरेज (Rs. 5 लाख तक) जांचें।
क्या FD ब्याज पर टैक्स लगता है?
हां, FD ब्याज पूरी तरह से आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल है। बैंक 10% TDS काटते हैं यदि वार्षिक ब्याज Rs.40,000 से अधिक हो (वरिष्ठ नागरिकों के लिए Rs.50,000)। यदि आपकी कुल आय टैक्सेबल सीमा से नीचे है तो TDS से बचने के लिए फॉर्म 15G/15H जमा कर सकते हैं।
क्या मैं मैच्योरिटी से पहले FD तोड़ सकता हूं?
हां, अधिकांश बैंक लागू ब्याज दर पर 0.5-1% पेनल्टी के साथ समय से पहले निकासी की अनुमति देते हैं। ब्याज की पुनर्गणना वास्तविक अवधि के लिए लागू दर पर की जाती है। कुछ बैंक फ्लेक्सी-FD प्रदान करते हैं जो पूरी जमा राशि तोड़े बिना आंशिक निकासी की अनुमति देते हैं।
मासिक या तिमाही ब्याज भुगतान में कौन सा बेहतर है?
अधिकतम रिटर्न के लिए क्युमुलेटिव (मैच्योरिटी पेआउट) विकल्प चुनें क्योंकि ब्याज पुनर्निवेशित होता है और चक्रवृद्धि होता है। मासिक/तिमाही पेआउट तभी चुनें जब आपको नियमित आय की जरूरत हो। उदाहरण के लिए, Rs. 10 लाख 7% पर 5 साल: क्युमुलेटिव Rs. 14.03 लाख देता है जबकि मासिक पेआउट केवल Rs. 13.82 लाख देता है।